Muzaffarpur

 मुज़फ्फरपुर, जो बिहार राज्य में स्थित है, का एक समृद्ध और विविध इतिहास है, जो इसकी सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक महत्ता को दर्शाता है। यहाँ इसका एक ऐतिहासिक अवलोकन दिया गया है:

प्राचीन काल

  1. पौराणिक जड़ें: मुज़फ्फरपुर क्षेत्र का संबंध प्राचीन भारतीय पौराणिक कथाओं से है। इसे विदेह साम्राज्य का हिस्सा माना जाता है, जिसका उल्लेख रामायण में भी मिलता है। विदेह की प्राचीन राजधानी मिथिला इसी क्षेत्र के पास थी।
  2. मौर्य और गुप्त साम्राज्य: मौर्य (4वीं–2वीं सदी ईसा पूर्व) और गुप्त (4वीं–6वीं सदी ईस्वी) काल में यह क्षेत्र मगध का हिस्सा था, जो अपनी उन्नत संस्कृति और प्रशासन के लिए प्रसिद्ध था।

मध्यकाल

  1. प्रारंभिक मध्यकाल: यह क्षेत्र पाला और सेना राजवंशों के प्रभाव में था। इस समय बौद्ध और जैन धर्म के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
  2. मुस्लिम शासन: मुज़फ्फरपुर क्षेत्र दिल्ली सल्तनत और बाद में मुग़ल साम्राज्य के अधीन आया। यह क्षेत्र अपनी कृषि उत्पादकता और सामरिक महत्त्व के लिए जाना जाता था।

मुग़ल और उत्तर मुग़ल काल

  • प्रशासनिक केंद्र: मुग़लों के अधीन, मुज़फ्फरपुर एक प्रशासनिक केंद्र के रूप में विकसित हुआ और गंडक नदी के निकट होने के कारण इसका महत्व बढ़ा।
  • मुग़ल साम्राज्य का पतन: 18वीं सदी में मुग़ल साम्राज्य के पतन के बाद स्थानीय ज़मींदारों और बंगाल के नवाबों का इस क्षेत्र पर प्रभाव रहा।

ब्रिटिश शासन काल

  1. मुज़फ्फरपुर जिला का गठन: मुज़फ्फरपुर जिला का औपचारिक गठन 1875 में ब्रिटिश शासन के दौरान हुआ। यह एक प्रशासनिक और व्यापारिक केंद्र बन गया।
  2. स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका: भारत के स्वतंत्रता संग्राम में मुज़फ्फरपुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 1908 में खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी द्वारा एक ब्रिटिश अधिकारी पर बम हमले के कारण यह क्षेत्र राष्ट्रीय चर्चा में आया।
  3. कृषि विकास: ब्रिटिश शासन के दौरान यहाँ नील और गन्ने की खेती को बढ़ावा दिया गया, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में बदलाव आया।

स्वतंत्रता के बाद का काल

  1. औद्योगिक विकास: मुज़फ्फरपुर अपनी लीची की खेती के लिए प्रसिद्ध हो गया, जो आज भी प्रमुख निर्यात उत्पाद है। यह छोटे उद्योगों का एक केंद्र भी है।
  2. शैक्षिक विकास: बिहार विश्वविद्यालय (अब डॉ. बी. आर. अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय) जैसे संस्थानों ने इसे बौद्धिक रूप से महत्वपूर्ण बनाया।

सांस्कृतिक विरासत

मुज़फ्फरपुर की सांस्कृतिक विरासत मैथिली और बिहारी परंपराओं से समृद्ध है। छठ पूजा और दुर्गा पूजा जैसे त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। यहाँ का खानपान, लोक संगीत और नृत्य इसकी अनूठी पहचान को दर्शाते हैं।

आधुनिक मुज़फ्फरपुर

आज का मुज़फ्फरपुर एक आधुनिक शहर है जिसमें ऐतिहासिक आकर्षण और वर्तमान आकांक्षाओं का मेल है। यह बिहार की अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक ताने-बाने में योगदान करते हुए एक कृषि और औद्योगिक केंद्र बना हुआ है। इसकी लीची की खेती, मंदिर और शैक्षणिक संस्थान इसके प्रमुख स्थल हैं।

बिहार | दैनिक भास्कर

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