कागजों में पुल और सड़कों की बहार है,
हकीकत में हर ओर मलबा तैयार है।
विकास के वादों का क्या हुआ अंजाम,
हर विभाग में दिखे भ्रष्टाचार का नाम।
मुख्यमंत्री अपने राजसी ठाट में मशगूल हैं,
बिहार के युवा पलायन करने पर मजबूर हैं।
नौकरियां नहीं, बस वायदे ही किये जाते हैं,
अभ्यर्थी लाठी खाने पर मजबूर होते हैं।
ये जिद है - पलायन रोकने की,
ये जिद है - बिहार को भ्रष्टाचार मुक्त करने की।
ये जिद है - युवाओं को रोजगार देने की,
ये जिद है - अपना सुंदर बिहार बनाने की।